छात्रों के पढ़ने का तरीक़ा बदल गया है। Prime भी बदला है।
परीक्षाएँ अब स्क्रीन पर होने लगी हैं, और AI अब आधी रात को भी कोई सवाल समझा सकता है। Prime ने ये टूल्स हर छात्र के दिन में शामिल किए हैं, क्लास में IIT के पूर्व छात्रों की उसी पढ़ाई के साथ-साथ, ताकि हमारे छात्र बढ़त के साथ तैयारी करें।
पढ़ाई कैसे बदल रही है
परीक्षाएँ अब स्क्रीन पर हैं
JEE Main 2019 से कंप्यूटर-आधारित टेस्ट है। जो छात्र स्क्रीन पर प्रैक्टिस करते हैं, वे उसके फ़ॉर्मेट, टाइमर और नेविगेशन के पहले से आदी होकर परीक्षा में जाते हैं।
मदद के लिए अब अगली क्लास का इंतज़ार नहीं
AI अब किसी भी समय किसी सवाल को स्टेप-बाय-स्टेप समझा सकता है। सही तरीक़े से इस्तेमाल हो, तो आज रात के होमवर्क का डाउट आज रात ही हल हो जाता है, अगले हफ़्ते नहीं।
प्रैक्टिस अब व्यक्तिगत हो सकती है
सबके लिए एक जैसी वर्कशीट की जगह, प्रैक्टिस हर छात्र के कमज़ोर टॉपिक्स के हिसाब से चल सकती है और उसके सुधार के साथ कठिन होती जा सकती है।
हर टेस्ट में छिपी है जानकारी
हर सवाल पर लगा समय, लापरवाही की गलतियाँ, बार-बार लौटने वाले टॉपिक्स: अब एक टेस्ट छात्र को ठीक-ठीक बता सकता है कि आगे किस पर काम करना है।
यही टूल्स हर छात्र से बस एक फ़ोन की दूरी पर हैं, और ध्यान भटकाने वाली चीज़ें भी। बढ़त उन छात्रों को मिलती है जो इन्हें मार्गदर्शन के साथ, एक योजना के हिस्से के रूप में इस्तेमाल करते हैं। Prime ने यही बनाया है।
Prime ने ख़ुद को कैसे अपडेट किया
डाउट उसी दिन हल
छात्र किसी भी समय सवाल की फ़ोटो लेते हैं और स्टेप-बाय-स्टेप समझ पाते हैं। जब AI काफ़ी न हो, तब Prime के टीचर मदद करते हैं।
अडैप्टिव प्रैक्टिस
पिछले वर्षों के पेपर्स सहित JEE और NEET प्रैक्टिस, जो हर छात्र के कमज़ोर टॉपिक्स पर ध्यान देती है और छात्र के सुधार के साथ-साथ कठिन होती जाती है।
स्क्रीन पर परीक्षा की प्रैक्टिस
JEE Main कंप्यूटर पर दिया जाता है। Prime के टेस्ट ऐप पर भी होते हैं और OMR शीट पर भी, ताकि परीक्षा का फ़ॉर्मेट कोई सरप्राइज़ न बने।
हर टेस्ट का पूरा विश्लेषण
विषय, चैप्टर और कॉन्सेप्ट के हिसाब से स्कोर, हर सवाल पर लगा समय और बैच में स्थिति। AI हर गलती को एक-एक करके समझा सकता है।
जब चाहें, लेक्चर
Prime के रिकॉर्डेड लेक्चर ऐप पर हैं, टॉपिक के हिसाब से बँटे हुए, ताकि छूटा हुआ या मुश्किल हिस्सा बस एक टैप दूर हो।
टीचर्स की गहरी नज़र
टीचर ऐप पर प्रैक्टिस और टेस्ट देते हैं और हर छात्र के कमज़ोर टॉपिक्स देख सकते हैं, ताकि मदद वहीं पहुँचे जहाँ उसकी ज़रूरत है।
सेल्फ़-स्टडी जो गिनी जाए
छात्र विषय और चैप्टर के हिसाब से अपनी सेल्फ़-स्टडी का समय ट्रैक करते हैं, और देखते हैं कि उनके घंटे असल में कहाँ जाते हैं।
माता-पिता भी देखें प्रगति
पैरेंट एक्सेस से माता-पिता अपने मोबाइल नंबर या ईमेल से बच्चे के ऐप में लॉग इन करते हैं और टेस्ट रिपोर्ट, चैप्टर और कॉन्सेप्ट के हिसाब से स्कोर, की गई प्रैक्टिस और सेल्फ़-स्टडी का समय देखते हैं। हर सोमवार प्रगति का एक ईमेल भी आता है।
Autonise पर आधारित
Prime का लर्निंग ऐप Autonise है, जो JEE, NEET और बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए एक AI लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म है। इसका इस्तेमाल पुणे की चारों शाखाओं (FC Road, Viman Nagar, Pimpri और Hadapsar) में होता है, और Prime के टीचर इसका इस्तेमाल टेस्ट बनाने, काम देने और हर छात्र की प्रगति पर नज़र रखने के लिए करते हैं; माता-पिता भी यह प्रगति देख सकते हैं।
क्लासरूम आज भी केंद्र में है: Lalit Kumar (IIT Bombay) और DC Pandey के नेतृत्व में IIT के पूर्व छात्रों की वही टीम हर लेक्चर पढ़ाती है। ऐप यह पक्का करता है कि कोई भी डाउट अगली क्लास तक इंतज़ार न करे, और किसी भी टेस्ट का नतीजा बिना समझाए न रह जाए।
माता-पिता के सवाल
क्या Prime Academy पढ़ाई में AI का इस्तेमाल करती है?
हाँ। Prime Academy का हर छात्र डाउट सॉल्विंग, प्रैक्टिस, टेस्ट और टेस्ट विश्लेषण के लिए AI लर्निंग ऐप Autonise से पढ़ता है। क्लास में पढ़ाई आज भी Prime की IIT के पूर्व छात्रों वाली फैकल्टी ही कराती है; ऐप क्लासेज़ के बीच छात्रों की मदद करता है। देखें यह कैसे काम करता है।
Prime Academy ऑनलाइन है या ऑफ़लाइन?
दोनों। क्लासेज़ पुणे की हमारी चार शाखाओं (FC Road, Viman Nagar, Pimpri और Hadapsar) में आमने-सामने होती हैं, लेक्चर ऑनलाइन लाइव भी स्ट्रीम होते हैं, और हर छात्र के पास डाउट्स, प्रैक्टिस, टेस्ट और रिकॉर्डेड लेक्चर के लिए ऐप है।
क्लास के बाद Prime के छात्रों के डाउट्स कैसे हल होते हैं?
ऐप पर, किसी भी समय: AI सवाल को स्टेप-बाय-स्टेप समझाता है, और अगर छात्र को फिर भी शंका रहे, तो वह सवाल Prime के टीचर को भेज देता है। क्लास में सवाल पूछना, लेक्चर से पहले और बाद की चर्चाएँ और डाउट सेशन पहले की तरह जारी हैं।
Prime Academy में टेस्ट कैसे होते हैं और उनका विश्लेषण कैसे होता है?
यूनिट टेस्ट और मासिक फुल-लेंथ टेस्ट ऐप पर होते हैं, या पेपर पर OMR शीट के साथ, जिसे ऐप स्कैन करके जाँचता है। हर छात्र को एक रिपोर्ट मिलती है, जिसमें विषय, चैप्टर और कॉन्सेप्ट के हिसाब से स्कोर, हर सवाल पर लगा समय और बैच में उसकी स्थिति होती है।
क्या माता-पिता ऐप पर अपने बच्चे की प्रगति देख सकते हैं?
हाँ। अनुरोध पर हम पैरेंट एक्सेस सेट कर देते हैं: माता-पिता अपने मोबाइल नंबर या ईमेल से लॉग इन करते हैं और वही रिपोर्ट देखते हैं जो उनका बच्चा देखता है: हर टेस्ट का विषय, चैप्टर और कॉन्सेप्ट के हिसाब से विश्लेषण, की गई प्रैक्टिस, सेल्फ़-स्टडी का समय और बैच में स्थान। जो माता-पिता अपना ईमेल देते हैं, उन्हें हर सोमवार प्रगति का साप्ताहिक सारांश भी मिलता है। मेंटर मीटिंग और पैरेंट-टीचर मीटिंग पहले की तरह जारी रहती हैं।
ख़ुद देखें
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